सचिन तेंदुलकर क्यों नहीं करते थे पहली गेंद का सामना, सौरव गांगुली ने खोला राज

पूर्व भारतीय कप्तान और बीसीसीआई के मौजूदा अध्यक्ष सौरव गांगुली ने हाल ही में इस बात का खुलासा किया है कि सचिन तेंदुलकर क्रिकेट मैच में क्यों कभी पहली गेंद का सामना नहीं करते थे। गांगुली ने बताया कि वह स्वयं हमेशा पहली गेंद का सामना करते थे। उस समय सचिन और सौरव दोनों ओपनिंग करते थे। गांगुली ने बताया कि वह हमेशा मुझसे स्ट्राइक लेने के लिए कहते थे। मैं सचिन से कई बार कहता कि तुम्हें पहली गेंद का सामना करना चाहिए।

सौरव गांगुली ने भारतीय टेस्ट टीम केओपनिंग बल्लेबाज मयंक अग्रवाल के साथ बातचीत में कहा, ”सचिन के पास हमेशा दो जवाब होते थे। पहला, यदि वह अच्छी फॉर्म में हैं, तो उन्हें नॉन स्ट्राइकिंग पर होना चाहिए ताकि वह बड़ी पारी खेल सकें। दूसरा यदि वह आउट ऑफ फॉर्म हैं तो उन्हें नान स्ट्राइकिंग पर होना चाहिए ताकि दबाव कम हो जाए।”
बीसीसीआई के ऑफिशियल टि्वटर हैंडल पर मयंक अग्रवाल के साथ ‘दादा ओपन विद मयंक’ शो में गांगुली ने कहा, ”यदि सचिन ने एक या दो बार कभी स्ट्राइक ली भी तो केवल उनकी वजह से।” सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर ने 176 पारियों में 47.55 की औसत से 8227 रन बनाए। कोई भी दूसरी जोड़ी वनडे में 6000 रन भी पार नहीं कर सकी।

वहीं, गांगुली और तेंदुलकर ने वनडे में 136 पारियों में पारी का आगाज किया, जिसमें 6609 रन बनाए। इसमें 21 शतकीय और 23 अर्धशतकीय साझेदारियां शामिल हैं।
तेंदुलकर ने टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक 15921 रन बनाए हैं। उन्होंने टेस्ट में 51 शतक भी लगाए। वनडे में सचिन के 49 शतक हैं। वनडे में सचिन ने 18426 रन बनाए हैं। तेंदुलकर ने 24 साल के अपने करियर में छह विश्वकप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। वह 2011 का विश्व कप जीतने वाली टीम के भी सदस्य थे।

दूसरी तरफ सौरव गांगुली सबसे सफल भारतीय कप्तानों में से एक रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने पाकिस्तान को पाकिस्तान में पहली बार टेस्ट सीरीज में हराया। 2003 के विश्व कप में टीम इंडिया फाइनल में पहुंची। गांगुली ने 113 टेस्ट और 311 वनडे खेले। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने तीनों फॉर्मैट में 18575 रन बनाए। अक्टूबर 2019 में सौरव गांगुली बीसीसीआई के अध्यक्ष बन गए।

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